अनुभूति हज़ार है इस रिश्ते में,
रंग हज़ार इसके हर किस्से में,
नौक झौंक से बंधा हर दिन है,
रूठना मनाना अब तुम्हारे हिस्से में।।
अपनो से भी अपना नाता है ये,
सात दिनों का नही सात जन्मों का है ये,
हमसफर हमकदम बन जाओ तुम अगर,
रास्ते सब आसान बन जायेंगे ये।।
नया जीवन बसाओ अब तुम,
संग एक दूसरे के रहो अब तुम,
नितिन मीनाक्षी का आशीर्वाद है,
जल्दी से दूदो नहाओ, पूतो फलो तुम।।
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