Sunday, 12 September 2021

मेरी बीवी तुम खूब हो।

किसी तीरंदाज का तीर हो,
या किसी बन्दूक की गोली,
अदाओं से तुम जान ले लो,
मेरी बीवी तुम खूब हो।।

तुम हुस्न की परी हो,
मुस्कान की तुम धनी हो,
टुकड़ा हो तुम मेरे दिल का,
मेरी बीवी तुम खूब हो।।

कोयल सी मीठी तुम्हारी बातें,
सबको लुभाती तुम्हारी बातें,
तुम चंचल शोख हसीना हो,
मेरी बीवी तुम खूब हो।।

मेरी रग रग तुम समझती हो,
मेरे ख्वाबो से बढ़कर तुम हो,
अहसास मुझे तेरे प्यार का हुआ अब,
मेरी बीवी तुम खूब हो।।

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