जो साकार है, निराकार भी,
अनंत जिनके नाम है,
वो शर्व भी है और शैव भी,
वही मेरे शम्भू हैं, वही मेरे शिव हैं।
जो सगुण भी है और निर्गुण भी,
जो सृष्टि के कण कण में है,
जो रुद्र भी है और महाकाल भी,
वही मेरे शम्भू हैं, वही मेरे शिव हैं।
वो भूत में है और भविष्य में भी,
वही भ्रह्मा, विष्णु और महेश है,
वो आदि, मध्य और अंत मे भी,
वही मेरे शम्भू हैं, वही मेरे शिव हैं।
योगियो का योग है, अघोरी का गुरूर भी,
भक्तों के सखा है, और जन जन के पिता भी,
प्राणियों के प्राण है, और मेरा तो सुकून भी,
वही मेरे शम्भू हैं, वही मेरे शिव हैं।
No comments:
Post a Comment