हो रास्ते पर काँटे अगर,
और पाँव में चुभ जाए अगर,
मत कोसना उस काँटे को तू,
बढ़ते जाना आगे तू।।
है मंजिल कोई नही आसान,
तेरे पथ में होंगे और भी मुक़ाम,
हिम्मत से हरदम चलना तू,
बढ़ते जाना आगे तू।।
तेरी हार से तू सबक ले,
फिर उठ खड़ा हो और जीत ले,
सिंह सा फिर गरजना तू,
बढ़ते जाना आगे तू।।
चट्टान सा ठहराव नही,
पानी सा बन, कुछ कम नही,
गंगा सा फिर बहना तू,
बढ़ते जाना आगे तू।।
Nice...
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